एक खबर ( vinod meghwani ) एक खबर tv ने कुछ दिन पहले कोरोना काल मे बंगाल की चुनावी रैलियों पर सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान में लेने की अपील की थी उसका नाटकीय रूपांतरण भी किया था ।( ये वीडियो आप भी देखे) ऐसा लगता है की वीडियो देश आदलत तक पुहुच गया था ) ( ये एक संभावना है हमे लगता है ) की वीडियो देखने के बाद देश की आदालतोंअपने संज्ञान में लिया अगर ऐसा है तो (हम मद्रास हाईकोर्ट को प्रणाम करते और धन्यवाद देते की आम आदमी की अपील को सुना गया ।आज चेन्नई में ( मद्रास हाईकोर्ट ) चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी ओर जस्टिस सेन्थिलकुमार रामामूर्ति ने कोरोनो की दूसरी लहर का अकेल जिम्मेदार केंद्रीय चुनाव आयोग को बताया और काहा ,चुनाव आयोग सबसे गैरजिम्मेदार संस्था है । आयोग के अफसरों पर , हत्या का केस दर्ज होना चाहिये जिन्होंने राजनीतिक दलों को रैलियों सभाएं करने की इजाजत दी । जस्टिस ने ये भी काहा की अगर जरूरी पड़ा तो 2 मई को मतगणना पे रोक भी लगा सकते है ।
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
4000