13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak)
13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल
AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच
नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका।
2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surgery का उल्लेख भी था।
परिवार का दावा है कि उन्होंने ऑपरेशन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की थीं और रक्तदाताओं की व्यवस्था तक की थी। पिता का आरोप है कि बाद में ऑपरेशन की तारीख आगे बढ़ती रही और उनकी बेटी को वर्षों तक इलाज के लिए AIIMS के चक्कर लगाने पड़े।
AIIMS का पक्ष क्या है?
दूसरी ओर, AIIMS से संबंधित रिपोर्टों में चिकित्सकीय पक्ष यह सामने आया है कि तन्वी का हृदय रोग अत्यंत जटिल था। बाद के विशेषज्ञ मूल्यांकन में फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों की स्थिति को देखते हुए corrective surgery को संभव नहीं माना गया।
यही इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल बन गया है—2014 में सर्जरी का उल्लेख क्यों हुआ और बाद में सर्जरी को अनुपयुक्त क्यों माना गया?
इसका स्पष्ट उत्तर मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट से ही सामने आएगा।
24 अगस्त को फिर AIIMS में भर्ती
रिपोर्टों के मुताबिक तन्वी को 24 अगस्त 2026 को AIIMS में भर्ती किया गया था। इस दौरान उनके मामले में heart-lung transplant की संभावना का मूल्यांकन किया जा रहा था।
लेकिन 1 सितंबर की सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। रिपोर्टों के अनुसार उनका ऑक्सीजन स्तर काफी नीचे चला गया और बाद में cardiac arrest हुआ। चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उनकी मृत्यु हो गई।
पिता ने डॉ. सचिन तलवार पर कार्रवाई की मांग की
तन्वी की मौत के बाद पिता मुकेश परियानी ने डॉ. सचिन तलवार सहित संबंधित चिकित्सकीय जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
मुकेश का कहना है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए और भविष्य में किसी दूसरी बच्ची को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित डॉक्टर को नौकरी से हटाने की मांग भी की है।
हालांकि, डॉ. सचिन तलवार अथवा किसी अन्य चिकित्सक को दोषी ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। डॉक्टरों के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल परिवार के आरोप हैं।
PMO, राष्ट्रपति और स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
मुकेश परियानी का कहना है कि उन्हें अभी तक PMO या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की ओर से कोई संपर्क नहीं मिला है। उन्होंने सिंधी समाज से भी मामले में आवाज उठाने और PMO, राष्ट्रपति तथा संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखने की अपील की है।
उनका कहना है कि समाज को उनकी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ा होना चाहिए।
AIIMS ने गठित की जांच समिति
तन्वी की मौत के बाद AIIMS की ओर से मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में 2012 से 2026 तक के मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, उपचार, सर्जरी संबंधी निर्णय और अंतिम दिनों की चिकित्सा परिस्थितियों की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी।
अब जांच से इन सवालों के जवाब जरूरी
• 2014 में प्रस्तावित सर्जरी क्यों नहीं हुई?
• सर्जरी की तारीख आगे क्यों बढ़ी?
• बाद में corrective surgery को अनुपयुक्त मानने का चिकित्सकीय आधार क्या था?
• परिवार को इस निर्णय की जानकारी कब और किस स्तर पर दी गई?
• क्या उपचार में कोई ऐसी देरी हुई जिसने तन्वी की स्थिति को प्रभावित किया?
इन सवालों का जवाब जांच समिति और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड से ही तय होगा।
पिता की लड़ाई अब न्याय की मांग में बदली
मुकेश परियानी की मांग है कि उनकी बेटी स्वर्गीय तन्वी परियानी की मौत की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय की जाए और यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही या प्रक्रिया संबंधी चूक प्रमाणित होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में परिवार के आरोप, AIIMS का चिकित्सकीय पक्ष और जांच के निष्कर्ष—तीनों को अलग-अलग देखना जरूरी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तन्वी की मौत के पीछे केवल उसकी जटिल जन्मजात बीमारी थी या इलाज की प्रक्रिया में भी कोई ऐसी चूक हुई जिसने उसकी स्थिति को प्रभावित किया।
संपादक: Vinod Raja Meghwani
एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल 8962120882

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