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20 करोड़ की ठगी छत्तीसगढ़ में शातिर ठग ने अंजाम दिया


Vinod raja meghwani (sampadak)
एक खबर (VINOD raja meghwani  ) सूत्रों से मिली खबर अनुसार उत्तरप्रदेश के ,,,रावत एसोसिएट प्रबंधक मैनेजर अजय ने शिकायत लिखवाई । K k   shirwartav ne  उनके बॉस अर्जुन रावत 1000 करोड़ का ठेका दिलाने का आश्वाशन दिया ओर फर्जी दस्तावेजों के जरिए  लगभग 20 करोड़ रुपए एडवांस में ठग लिए ।
छत्तीसगढ़ के  नेताओं का खुद को करीबी बताने वाले बिलासपुर के kk shriwastav 
 पर लगभग 20 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। यूपी के रावत एसोसिएट के एडमिन मैनेजर अजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है। अजय के मुताबिक केके श्रीवास्तव ने उनके मालिक अर्जुन रावत को 1000 करोड़ का काम दिलाने का आश्वासन दिया और फिर फर्जी दस्तावेज भेजकर ठगी की। Kk  shriwastav के साथ उसके बेटे कंचन ओर kk shriwastav खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है।
एफआईआर में यह दर्ज किया गया है कि प्रदेश के सबसे बड़े नेता भगोड़े ठग kk  shriwastav से तांत्रिक पूजा करवाते थे। ये सुबह श्रीवास्तव से तांत्रिक पूजा करवाते थे। ये नेता कौन सी पार्टी के, ये नहीं लिखा गया है। लेकिन ठग पर आरोप है कि वो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में सबसे बड़े नेताओं के करीबी थे। आरोपी kk shriwastav खातों की जांच में 500 करोड़ का लेन-देन मिला है। ये खाते EWS मकानों में रहने वालों के नाम पर हैं। पुलिस ने इसकी जांच आयकर विभाग को सौंप दिया है। ईडी भी जल्द इस मामले की जांच शुरू कर सकती है।
पुलिस ने दबिश दी, नहीं मिले तो भगोड़ा किया घोषित
पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए बिलासपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दबिश दी। इस दौरान वे नहीं मिले, तो दोनों को भगोड़ा साबित कर दिया गया। आरोपियों का पता बताने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की गई है। पुलिस का दावा है, कि आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। दोनों की जल्द गिरफ्तारी होगी।
पूर्व मंत्री अकबर के भाई असगर का काम दिलाने का दिया झांसा
शिकायतकर्ता अजय कुमार ने पुलिस को बताया, कि ग्रेटर नोएडा में रावत एसोसिएट हाईवे कंस्ट्रक्शन, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, रोड कंस्ट्रक्शन और सरकारी बिल्डिंग निर्माण का काम करती है।
काम के सिलसिले में कारोबारी अर्जुन रावत जून 2023 में रायपुर आए हुए थे। रायपुर में आचार्य प्रो. कृष्णम के माध्यम से उनकी केके श्रीवास्तव से जान पहचान हुई। 
K k shriwastav ने कारोबारी रावत से मुलाकात के दौरान कहा, कि राजनेता के भाई असगर को रायपुर स्मार्ट सिटी में 1000 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। वो प्रोजेक्ट को सबलेट (पेटी कॉन्ट्रैक्ट देना) करना चाहता है, जिसके लिए सरकार को 20करोड़ रुपए सिक्योरिटी मनी जमा करना है। कारोबारी को झांसे में लेने के लिए ठग ने उसे प्रोजेक्ट के दस्तावेज भी दिखाए।
श्रीवास्तव की बातों में आकर कारोबारी रावत प्रोजेक्ट में काम करने के लिए तैयार हो गया और ठग के बताए अकाउंट में 8 दिन में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। पैसा लेने के बाद तय समय पर श्रीवास्तव कारोबारी को प्रोजेक्ट नहीं सुबह 7:51 बजे
जब कारोबारी लगातार पैसों की मांग करने लगा तो श्रीवास्तव उसे गुमराह करने के लिए कंचन श्रीवास्तव समेत कुछ फर्मों के चेक दिए। कारोबारी ने पैसे निकालने के लिए जब बैंक में चेक लगाए, तो पता चला, कि आरोपी ने चेक देने के बाद उसे स्टॉप श्रेणी में डाल दिया है।
इस हरकत के बाद कारोबारी ने श्रीवास्तव को फोन लगाया, तो उसने नक्सली और राजनैतिक रसूखदारों से जान पहचान होने की बात बोलकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी की इस हरकत के बाद कारोबारी ने मामले की शिकायत पुलिस में की, तो पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की।

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