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मोदी जी ये क्या हो रहा है,,,,,,देश मे

 इंडिया TV ,आजतक ,R bhart Tv ,अन्य चेनलो को देश मे कंगना ओर सुशान्त के आलवा ओर कुछ क्यो नही दिख रहा पूछता है,,,(,,एक खबर Vinod Meghwani )अंधेर नगरी,,,, चौपट राजा ,,,टके सेर भाजी ,,,,टके सेर खाजा,,,,,,,, कोरोना काल मे सिस्टम ,,,बदल गये रास्ते बंद हो गये जनता की तकलीफों को प्रशासन में बैठे अधिकारियों को ये बात समझनी होगी । इस कोरोना काल मे हर विभाग के अधिकारी को दयावान बनना पड़ेगा । जैसी दया छत्तीसगढ़ के दुर्ग के कलेक्टर नरेंद्र भूरे जी और सांसद विजय बघेल जी ने परीक्षा केंद्र में 5 मिनट लेट पुहुचे छात्र की हेल्प की छात्र ने परीक्षा दी ऐसी हेल्प अगर बिहार के दरभंगा जिले के छात्र की हेल्प की होती तो छात्र सन्तोष यादव ,,,डॉक्टर बन जाते ,,,पर । कोलकाता में सन्तोष यादव का परीक्षा केंद्र था ।सन्तोष यादव 700 कि .मी. 25 घन्टे की यात्रा में तीन बस बदली ओर परीक्षा केंद्र पुहुचे 10 मिनट लेट अधिकारियों ने उसे परीक्षा में बैठने नही दिया अधिकारियों से बहुत मिन्नतें की पर किसी भी अधिकारी ने दया नही दिखाई और सन्तोष यादव को एक साल बर्बाद हो गया । इसका जिम्मेदार कौन है ,,,कोरोना ,,,,या सिस्टम,,,,, एक खब...

अर्नब गोस्वामी को नही ,,एक खबर को देंगे इंटरव्यू प्रधानमंत्री जी ,,,क्या,,,

 एक खबर (संपादकीय लेख vinod meghwani)  मेने ओर देश ने TV पे रजत शर्मा को कभी भी चीखते  चिल्लाते नही , रविशकुमार को चिल्लाते नही देखा फिर भी लोग उनको सुनते है क्यो की वो सही भाषा सम्मानित शब्दो का अपने मुख से  प्रयोग करते है । मेने ओर पूरे देश T V पे अर्नब गोस्वामी को भी T V पर देखा कैसे चिल्लाते है कैसे शब्दो का प्रयोग करते है । मेरी नजरो अर्नब गोस्वमी जिस तरह T V पर डिबेट करते है हिस्टोरियम,,,,, एक प्रकार की सनक है  जो व्यक्ति को जुनूनी बना देता है । किसी भी सरकार के पास सत्ता की ताकत होती ही है और ताकत से दंभ आना स्वभविक्ता है । और लोकतंत्र में मीडिया भी सत्ता ही है और उसमें भी ताकत है और अर्नब गोस्वामी जी को भी ताकत का दंभ ( घमंड ) आ गया है । मीडिया और महाराष्ट्र सरकार में कोई  (वाकयुद्ध ) नही हो राहा ये युद्ध तो पार्टी बनाम पार्टी में हो राहा है । पर्दे के पीछे बिगबॉस है कौन है ( बिगबॉस) अभी सस्पेंस है पर राजनीति का  चाणक्य की उसे उपाधि मिली हुई है । बिहार चुनाव सामने है इस बार किसकी सरकार बनेगी इसी को लेकर ये सभी अस्त्र ,,,,,दिशा पाटनी ,सुशान्त रा...

कोरोनो के कारण ,,,आक्स्जिन सिलेंडर फैक्ट्री 137 के बजाये 250 में दे रहे है

 सूत्रों से मिली ,एक खबर (vinod meghwani)अतुल आक्स्जिन  जामुल में स्थित है कोरोना संक्रमण के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण आक्स्जिन की खपत बड़ गई फेक्ट्री मालिको को जो उनके मुंहमांगे दाम पर आक्स्जिन ले रही उनको तुरन्त सप्लाई की जाती है । छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यो में भी आक्स्जिन यंहां से जाती है । फेक्ट्री  अनिमितताओं का केंद्र बनी हुई थी इसकी खबर जब खाद्य एवं औषधि विभाग को मिली विभाग के अधिकारी जांच करने पुहुचे उनसे दुर्व्यवहार हुआ।ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी, जांच को पहुंची  कुछ लोग कोरोना महामारी को भी कमाई का अवसर मान रहे हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति करने वाली एक कंपनी निर्धारित कीमत से ज्यादा दर पर सिलेंडर की बिक्री कर रही थी। इसकी शिकायत मिलने पर औषधि प्रशासन विभाग की टीम कंपनी की जांच के लिए पहुंची। जांच के दौरान कुल 17 बिंदुओं पर अनियमितता पाई गई। बड़े पैमाने पर अनियमितता मिलने के बाद कंपनी संचालक ने टीम के अधिकारियों को धमकाना शुरू कर दिया। धमकाने पर भी जब अधिकारी कार्रवाई की बात पर डटे रहे तो उनसे मारपीट कर उनका मोबाइल छीन लिया गया। पीड़...

कलेक्टर ने खोया सयंम,,,,पत्रकार पर निकला ,,,,,गुस्सा,,

 सूत्रों से मिली ,एक खबर (कांकेर vinod meghwani )जिले का कलेक्टर जिले का राजा होता है और शहर वासी प्रजा इसलिये राजा को हर परस्थितियों में सयंम रखना पड़ता है । लेकिन कांकेर जिले के कलेक्टर ने अपना सयंम खो दिया और ओर निंदा के पात्र बन गए । के. एल .चौहान कलेक्टर ने पत्रकार पर आपा खोते हुए वाट्सएप ग्रुप में लिखा – “लॉकडाउन कर देंगे तो क्या ये न्यूज़ डालने वाले का बाप गरीबो को खाना देगा  ?? । कांकेर जिले में जिले के कलेक्टर के.एल चौहान द्वारा पत्रकार निपेन्द्र ठाकुर के लेख पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई ! कांकेर जिले के युवा निर्भीक पत्रकार निपेन्द्र ठाकुर ने जिला प्रशासन को अपने लेख द्वारा सुझाव दिया था कि कोरोना महामारी पूरे देश व राज्य में विकराल रुपले चुका है और कांकेर जिला भी इससे अछूता नहीं रहा है ! कांकेर कलेक्टर के कई कर्मचारि कोरोना के चपेट में आने के कारण कलेक्टर परिसर को सील करना पड़ा ! इस कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हए पत्रकार निपेन्द्र ठाकुर ने अपने लेख में कलेक्टर के.एल. चौहान को एक वाहट्सएप्प ग्रुप में सुझाव दिया कि, कांकेर जिला मुख्यालय में लॉकडाउन का निर्णय लिया जाए...

गरीब हो अमीर कोरोनो मरीज ईलाज निजी हॉस्पिटलों में मुफ्त हो ,,,जोगी जी

 एक खबर (vinod meghwani )रायपुर— जनता कांग्रेस प्रमुख अमित जोगी ने सरकार से मांग की है कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग बीमार, कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में हो मुफ्त में इलाज कराए। छत्तीसगढ़ में निजी अस्पतालों की भागीदारी के बिना यूनिवर्सल हेल्थ केर और कोरोना की जंग जीतना असम्भव है। जनता कांग्रेस कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार अमित जोगी ने कहा कि  सरकार निजी अस्पतालों के लिए जारी खर्च सम्बन्धी आदेश को वापस ले। ,जनता काँग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि सरकार सभी राशन कार्डधारी COVID-19 मरीज़ों का  प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराए। इसके पहले सम्पूर्ण खर्चा स्वयं वहन करने का एलान भी करे। अमित जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 80 प्रतिशत आसीयू बिस्तर, वेंटिलेटर और क्रिटिकल केयर डॉक्टर निजी अस्पतालों में हैं। सरकारी अस्पतालों के भरोसे मात्र 20 प्रतिशत लोगों का ही इलाज संभव है। सरकार ने अपनी बेहद सीमित क्षमता को बड़ाने के लिए पीछले 3 महीनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। अमित जोगी ने बताया कि सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों को उपचार के वास्तविक खर्चे से ...

हौसला रखो ये दिन भी कट जायेंगे

 कोरोनो के इस दौर में हर कोई अपने स्तर पर परेशान हर कोई आर्थिक चुनौतियों के दौर में हैं। व्यापार या काम धन्धा ठप्प हो गया। पेमेंट नहीं आ रही, बिक्री न के बराबर है। पैसे मांगने वालों के बार-बार तकादे आ रहे हैं। याद रखना है कि ये हालात हमारी  वजह से नहीं आए हैं।लगभग सभी के यही आर्थिक हालात हैं। आप ख़ुद को दोष न दें।  न हार,अपमानित महसूस करें।  रास्ता नज़र नहीं आएगा लेकिन,,,  *हिम्मत न हारें। कम से कम खर्च करें।* *दिखावे से बचे*  *किस्तों मेँ कटौती करे ।* *अपनी मानसिक परेशानियों को लेकर अकेले न रहें।*  *दोस्तों से बात करें,*  *रिश्तेदारों से बात करें।* *किसी तरह का बुरा ख़्याल मस्तिष्क में आए तो न आने दें।* इस स्थिति से कोई नहीं बचा हैं ना ही बच सकता। समस्या कम ज्यादा हो सकती हैं धीरे धीरे खुद को पहाड़ काट कर नया रास्ता बनाने के लिए तैयार करें।  अपनी भाषा या सोच ख़राब न करें।  कुछ भी हो जाए, जीना है, कल के लिए।परिवार के लिये,समाज के लिए, देश के लिए धीरज रखें। कम में जीना है। यह वक्त हमारा इम्तहान लेने आया है। भरोसा रखिए जब हम  एक बार श...