एक खबर (संपादकीय लेख vinod meghwani) मेने ओर देश ने TV पे रजत शर्मा को कभी भी चीखते चिल्लाते नही , रविशकुमार को चिल्लाते नही देखा फिर भी लोग उनको सुनते है क्यो की वो सही भाषा सम्मानित शब्दो का अपने मुख से प्रयोग करते है । मेने ओर पूरे देश T V पे अर्नब गोस्वामी को भी T V पर देखा कैसे चिल्लाते है कैसे शब्दो का प्रयोग करते है । मेरी नजरो अर्नब गोस्वमी जिस तरह T V पर डिबेट करते है हिस्टोरियम,,,,, एक प्रकार की सनक है जो व्यक्ति को जुनूनी बना देता है । किसी भी सरकार के पास सत्ता की ताकत होती ही है और ताकत से दंभ आना स्वभविक्ता है । और लोकतंत्र में मीडिया भी सत्ता ही है और उसमें भी ताकत है और अर्नब गोस्वामी जी को भी ताकत का दंभ ( घमंड ) आ गया है । मीडिया और महाराष्ट्र सरकार में कोई (वाकयुद्ध ) नही हो राहा ये युद्ध तो पार्टी बनाम पार्टी में हो राहा है । पर्दे के पीछे बिगबॉस है कौन है ( बिगबॉस) अभी सस्पेंस है पर राजनीति का चाणक्य की उसे उपाधि मिली हुई है । बिहार चुनाव सामने है इस बार किसकी सरकार बनेगी इसी को लेकर ये सभी अस्त्र ,,,,,दिशा पाटनी ,सुशान्त राजपूत , बिहार पुलिस ,मुंबई पुलिस ,सीबीआई ,ड्रग्स विभाग , रिया चक्रवती जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया क्योंकि अब बिहार चुनाव नजदीक है ऐसे में ,,,,ब्राह्ममास्त्र की जरूरत है वो ,,,,कंगना राणावत ,,,के नाम,, चलाया गया जिसके निशान पे महाराष्ट सरकार भी आ गई और बिहार को नया मुख्यमंत्री भी मिल गया,,,,,,, पूछता है भारत मे अगर ये सवाल पूछा जाये,,,,,,की प्रधानमंत्री जी से इंटरव्यू की अपील की जाए की आप इन चार नामो , रजत शर्मा , रविशकुमार, विनोद मेघवानी , अर्नब गोस्वामी में किसे इंटरव्यू देंगे तो,,,,हमारे ख्याल से प्रधानमंत्री जी एक खबर vinod मेघवानी को ही इंटरव्यू देना पसन्द करेंगे ।
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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