Vinod meghwaniएक खबर विनोद mwghwani सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार
लवलेश, सन्नी ,अरुण ने
अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या, प्रयागराज में कैमरे के सामने मर्डर
प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास ये हमला तब हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और अहमद को लेकर जा रही थी. इसी दौरान तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने हमलावरों को मौके से दबोच लिया है. इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है. दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है.
अतीक अहमद को मेडिकल के लिए ले जा रही पुलिस की गाड़ी पर हमला हुआ है. पुलिस की गाड़ियों पर फायरिंग की गई है. इस हमले में अतीक और अशरफ की मौत हो गई है. मेडिकल कॉलेज के पास अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की गई है. जिस वक्त ये हमला हुआ उस वक्त दोनों को जांच के लिए ले जाया जा रहा था. दोनों के शवों को मेडकल कॉलेज के अंदर ले जाया गया है. मौके पर जय श्रीराम के नारे जरूर सुने गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
जानकारी के मुताबिक प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास ये हमला तब हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और अहमद को लेकर जा रही थी. इसी दौरान तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने हमलावरों को मौके से दबोच लिया है. इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है. दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है. इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है, जिसका नाम मान सिंह है. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...
ये तो होना ही था......
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