छत्तीसगढ़ राज्य ओर मध्य प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों से निवेदन 👏🏻 दुर्ग जिलाधिकारी (कलेक्टर ) महोदय जी ,,,,प्रणाम 👏🏻,,,, महोदय जी दुर्ग कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण जिले 14 दिनों का लॉक डाउन का आदेश आपके द्वारा जारी किया गया है जिसे पूरे जिले की जनता आदेश का पालन कर रही है । महोदय जी इस लॉक डाउन के कारण 4 महीनों से दुर्ग जिले के सभी व्यापार ठप्प हो गये है जिससे सभी व्यापारियों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है । महोदय जी केंद्र सरकार से वित्तमंत्री ने 20 लाख करोड़ लॉक डाउन से प्रभावित जनता को देने की घोषणा की है जिसमे फुटपाथ दुकान ,ओर फेरीवालों को दस हजार का लोन देने की घोषणा की ओर छोटे व्यापारियों को मुद्रा लोन , (50 हजार)( ओर 5 लाख ओर) (10 लाख ) तक देने की घोषणा की । पर जब बैंकों में जनता आवेदन देती है तो उनके आवेदन को रिजेक्ट कर दिया जाता है । जबकि इस कोरोना विपदा से निपटने के लिये वित्त मंत्रालय ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिये की हर किसी को लोन दिया जाये। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जिलाधिकारी ( कलेक्टर) महोदय से ( राष्ट्रीय सिन्धी मंच ) राष्ट्रीय प्रवक्ता ,,,विनोद मेघवानी आप से निवेदन करते है की आप हर जिले में हर वार्ड में शिविर लगा कर लोंगो ,,,लोन दिलवाये ।क्यो आप को ये अधिकार है और आपका कर्तव्य भी है अगर आप लोंगो के रोजगार बन्द करा रहे है तो उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत करने के लिये जिन्हे लोन की जरूरत है उन्हें शिविर लगाकर बिना परेशानी के आन द स्पॉट लोन दिलवाये । धन्यवाद राष्ट्रीय सिन्धी मंच राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद मेघवानी
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...


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