बिना साहस के आप कोई कार्य नही कर सकते आप का आत्मबल आत्मविश्वास ही आपकी प्रतिरोधक शक्ति है इस बात को सिद्ध किया छत्तीसगढ़ की पहली कोरोना मरीज जो 17 दिनों में ठीक हो गई और एम्स ने उसे छुट्टी दे दी । कोरोनो पीड़ित युवती जब लन्दन लौटी तो उसने अपने आप मे बदलाव महसूस किया तो 18 मार्च को एम्स में गई । और भर्ती हो गई उसकी रिपोर्ट,, पॉजिटिव आई थी । कोरोना की इस पहली फाइटर ने जिसने कोरोना को हरा दिया। उसने देश की जनता से क्वारेटाइन में बिताए समय को शेयर किया और काहा। मुझे खुशी हो रही है में ठीक होकर घर वापस आई हूं ।इस मुश्किल घड़ी में एम्स की पूरी टीम की आभारी हूं जिन्होंने मुझे कोरोना से बचाया ओर में अपने मित्रों और शुभचिंतकों की की आभारी हूं जिन्होंनो मेरी सलामती की दुआ मांगी ,,,,इन्होंने काहा की अगर कोरोनो हो जाये तो डरे नही डॉक्टरों का सहयोग करे उनके मार्गदर्शन पे चले तो लोग ठीक हो जाएंगे जैसे में हो गई हूं ,,इस लड़की का मोहल्ले के लोगो ने थाली बजाकर स्वागत किया वीडियो देखें एक खबर,,,
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
4000