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- माननीय ,,,,
- हाईकोर्ट ,जज,महोदय जी,,मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी अपने संज्ञान में ले 👏🏻
- नीम चढ़ा,,,,उस पे करेला,,,,इस कहावत को,,,,छत्तीसगढ़,, की बिजली कंपनी ने लॉक डाउन में चीरार्थ,,,, कर दिखाया,,,, लोंगो को खाने को नही,,,कमाई नही ,,,कोई आवक नही ,,,,जान के लाल पड़े है,,,,ऐसे में,,,छत्तीसगढ़ में बिजली कंपनी,,,यमदूत बनकर टूट पड़ी है । कोरोनो वायरस के चलते बिजली कंपनी ने मार्च में रीडिंग नही की है और एवरेज बिल भेजा । जो सीधा डबल है इस संकट काल मे उपभक्ताओं को सहानभूति ओर मदद की जरुरत है । इसके विपरीत बिजली कंपनी लोगो के दिलोदिमाग में दहशत पैदा कर रही है । ऐसे समय मे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी और हाई कोर्ट को ये मामला अपने संज्ञान में लेना चाहिये ।और छत्तीसगढ़ की जनता को राहत मिले ये 3महीने राज्य की जनता का बिजली बिल माफ किया जाये या हर उपभक्ताओं से 50% बिजली की राशि माफ की जाये ,,,,एक खबर ,,,,,विनोद मेघवानी
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13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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