कल सूरत एक कोचिंग क्लास के 21 बच्चों की आगजनी की घटना,,,आस्मिक मत्यु हो गई जिसने सुना उसका एक ही सवाल था कि उस बहुमंजिला इमारत में आगजनी से बचने के उपकरण नही थे क्या या फिर ऐसा कोई विकल्प क्यो नही बनाया गया कि जिससे दुर्घटना होने पर किसी की जान न जाये ,,,,,हमे आज सोशल मीडिया पे आज usa का एक ऐसा उपकरण ,,का वीडियो मिला जो किसी भी बहुमन्जीला ईमारत में लगाने पर आगजनी की दुर्घटना से बचा जा सकता है ,,,,*बहुमंजिला इमारतों में आग से बचने का सबसे सुरक्षित,किफायती तारीका जिससे सूरत जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है। जिसकी कीमत लगभग 15-20 हजार रुपये आती होगी।इससे सेकड़ो लोगो की जान बच सकती है।*
*निवेदन इसे इतना फॉरवर्ड करे कि शासन सभी इमारतों में इसे अवश्याक कर देवे।और बेगुनाह बच सके।*
एक खबर
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13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...
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