Vinod meghwaniएक खबर विनोद meghwani,,,राजनीति में अब तक सभी दलों ने,,,सिंधी समाज का दोहन किया है। अब सिंधी समाज राजनीति में अपना ,, हक,,चाहता है ,,,सिंधी समाज सभी राजनीतक दलों से ये अपेक्षा करता है कि इस बार विधान सभा चुनाव में पांच सीट सभी दल दे
छत्तीसगढ़ सिंधी समाज ने भारतीय जनता पार्टी क्षेत्रीय प्रभारी अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी भाजपा ओम माथुर, संगठन महामंत्री पवन साय से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व के लिए 5 विधानसभा सीटों पर टिकट देने की मांग की।
सिंधी समाज के प्रवक्ता गोविंद वाधवानी ने बताया कि सिंधी समाज की प्रादेशिक बैठक पिछले दिनों दल्लीराजहरा में हुई थी। जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी मोहल्ला पंचायत, सामाजिक संगठन, महिला विंग, युवा विंग के मुखिया, अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस बैठक में यह सर्वसम्मति से तय हुआ था कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा से यह मांग की जाए कि सिंधी समाज को 5 सीटें पर टिकट दी जाए।
कांग्रेस सरकार ने पूज्य सिंधी समाज को सिंधी साहित्य अकादमी के माध्यम इंद्र कुमार डोडवानी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया। सिंधी समाज को विविध पदों से मान सम्मान दिया। साथ ही चेट्रीचंद पर अवकाश भी घोषित किया। सिंधी समाज की छत्तीसगढ़ में 10 लाख की आबादी है, जो कि कुल आबादी का 5% हिस्सा है।
अतः आबादी के अनुपात में सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। भाजपा सिंधी समाज के किसी भी को प्रदेश में टिकट दें, समाज उसका समर्थन करेगा। देश की आजादी के बाद से ही सिंधी समाज जनसंघ व भाजपा से जुड़ा रहा है। सिंधी समाज के प्रहलाद शादिजा ,गुरुमुख वाधवा मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
भाजपा जहां भी हमारे समाज से प्रत्याशी बनाएगी वहां हमारा सिंधी समाज तन-मन-धन से पार्टी के प्रति समर्पित होगा एवं प्रदेश की अन्य सीटों पर भी सिंधी समाज का समर्थन भाजपा को मिलेगा। आशा है कि इस बार सिंधी समाज को पार्टी अवश्य अवसर प्रदान करेंगी।
इस दौरान पीएन बजाज, डीडी आहूजा, महेश रोहरा, इंद्र कुमार डोडवानी, मोहन तेजवानी, प्रहलाद साजिदा, गुरमुख वाधवा, प्रकाश जैसवानी, कंवरराम मनवानी, खेमचंद मध्यानी श्यामलाल खूबचंदानी,मुरलीधर शादिया, राजेश वासवानी आदि मौजूद थे।just
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...


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