Vinod meghwaniएक खबर ,, विनोद meghwani
एक नाथ शिंदे वर्तमान मे बीजेपी के सहयोग से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री है।
कभी बाला साहेब ठाकरे के,,,,,, वफादार,,, मे से एक थे ,,,आज ठाकरे परिवार ,,,के विभीषण,,,,,है,,,,अगर विभीषण,,,गद्दारी न करता तो ,,,रावण,,,कभी पराजित न होता ओर न मरता,,। ओर अगर एकनाथ शिंदे,,ठाकरे,सरकार,,,,से गद्दारी ना करते तो,,,,सरकार न गिरती,,, ये ,नंगा सच पुरी दुनिया,,,ने टीवी पर देखा था।महाराष्ट्र में जब विधानसभा चुनाव होंगे तो ये,,40.50 लोग ओर शिंदे,,अपनी जमानत नहीं बचा पाएंगे ये महाराष्ट्र की। जनता कह रही है।क्योंकि महाराष्ट्र के लोग ,,,बाला साहेब ठाकरे को कभी नहीं भूल सकते। ,,,,महाराष्ट्र,,,का शेर ,,,बाला साहेब ठाकरे,,,बीजेपी की महाराष्ट्र जड़ें मजबूत करने वाले भी बाला साहेब थे। भले बीजेपी ये बात भूल जाए। पर महाराष्ट्र की जनता नहीं भूलेगी महाराष्ट्र की जनता की संवेदना बाला साहेब से जुड़ी है ओर सहानभूति ,शिव सेना से ,,,,आने वाले चुनाव में इसका असर दिखेगा,,।
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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