Vinod meghwaniएक खबर vinod meghewani,,,,, राजनीति और ज्योतिष का चोली दामन का साथ हे,,,नेता ही ज्योतिष पे सब ज्यादा विश्वास करते हे। चुनाव जीतने के लिए अनुष्ठान और मंत्री पद के लिए पूजा कराने मेरे स्व: वरिष्ट मित्र ,,तंत्रिक चंद्रा स्वामी को आज पूरी दुनिया जानती है। पर हम ,,, चंद्रा स्वामी ऊर्फ नेमी चंद जैन जी को तब से जानते हैं।जब उन्हें कोई नही जानता था । वो दुनिया के लिए अनजान थे वो चर्चित नही थे इतने। वो मेरे पिताजी के गुरु थे वो अक्सर मेरे पिताजी के साथ आते थे। मेरे पिताजी से स्नेह था उन्हें उनसे कुछ भी नही लेते थे । तब में किशोरावस्था में था। वो मुझे पसंद करते थे मुझे वीनू, कह के बुलाते थे मुझे मेरे पिताश्री भी वीनू कहते थे।,,गुरुजी चंद्रास्वामी की आंखों में ,,गजब की सम्मोहन शक्ति थी। वो अक्सर मुझे भी ज्योतिष विद्या का ज्ञान दिया करते थे । बहुत कुछ मेने उनसे सीखा,,जो आज भी याद है। मुझे आज भी याद है उनसे,,,अर्जुन सिंह, विद्याचरण , दिग्विजय ,और बाबूलाल गौर , जैसे नेताओं उनसे मिलने आते मेने देखा था मेने उनसे प्रश्न किया था की इतने बड़े नेता जी आपके पास क्यों आते है तो पहले उन्होंने टाल मटोल किया और मुझे,,फुसला दिया था ।जब मेने ज़िद की तब गुरुजी ने बताया कि ये नेता लोग मेरे पास ,,,चुनाव जीतने,,का आशीर्वाद लेने आते है। मेने पूछा कैसे,, तब उन्होंने मुझे वो ,,विद्या दान दी की कैसे कोई व्यक्ति तंत्र साधना से चुनाव जीत सकता हे । मेने ,,,इस विद्या का उपयोग किया,,,जिससे कई नेता जी चुनाव जीत चुके है,,, हम उन नेताओं का नाम नही लिख सकते।जैसे जैसे,,,, गुरुजी चंद्रा स्वामी,,,चर्चित होते गए वो,,मेरे पिता जी से अजनबी बनते गए,,,,फिर सालों तक गुरुजी,,,चंद्रा स्वामी और,,,पिताजी नहीं,,मिले,बाकी की यादें,,,,फिर कभी,,,,,ओशो ,,विनोद,,
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...


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