Vinod meghwaniएक खबर (विनोद meghwani )
ब्रह्मास्त्र,,,मूवी ,,,,को,, हिट करनी है । ये रनबीर ओर आलिया की सोच,,,,,,क्योंकि,,,,बहुत दिनों से कोई भी हिट मूवी दोनों की नहीं आई,,। इसलिए दोनों,,,ने,,,प्लानिंग की,,,,,,हम खुद,,,,,मूवी को हिट कराएंगे।,,,,,,इसलिए तमाम तरह,,,के हठकंडे अपना रहे है ,,,,खुद ही सोशल मीडिया पे मूवी ,,टोल करवा रहे,,,ओर,,,मीडिया के जरिए,,,10करोड़ खर्च करके,,,, पीब्लिसिटी कर रहे,
रणबीर कपूर को उज्जैन में हिंदु संगठनों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. लेकिन रणबीर कपूर को इतने विरोध प्रदर्शन का सामना आखिर क्यों
ब्रह्मास्त्र की टीम का हुआ उज्जैन में विरोध.।
बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर को उज्जैन में हिंदु संगठनों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. विरोध इतना उग्र हो गया कि महाकाल के दर्शन करने पहुंचे रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ा. इतना ही अब सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर बॉयकॉट भी ट्रेंड करने लगा है. लेकिन रणबीर कपूर को इतने विरोध प्रदर्शन का सामना आखिर क्यों करना पड़ रहा है. ।
रणबीर कपूर को भी आमिर खान की ही तरह अपने एक पुराने बयान के चलते इस सब का सामना करना पड़ा रहा है. दरअसल, साल 2011 में रणबीर कपूर ने अपनी फिल्म 'रॉकस्टार' का प्रचार करते हुए कहा था कि उन्हें बीफ खाना पसंद है. उन्होंने कहा, “मेरा परिवार पेशावर से है, इसलिए उनके साथ बहुत सारा पेशावरी खाना आया है. मैं मटन, पाया और बीफ का प्रशंसक हूं. हां, मैं बीफ़ का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं.'' अब इसी इंटरव्यू का एक पुराना वीडियो ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले फिर से सामने आया है और रणबीर कपूर को 'बॉयकॉट गैंग' द्वारा पेशावर का 'बीफ मैन' कहा जा रहा है।
आलिया भट्ट के इस बयान से नाराज हुए फैन।
ऐसा नहीं है कि सोशल मीडिया पर सिर्फ रणबीर कपूर को ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है. बल्कि हाल ही में दिया गया आलिया भट्ट का एक बयान यूजर्स को पसंद नहीं आया और वो इसे लेकर उनका भी बॉयकॉट कर रहे हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले आलिया ने एक प्रमोशनल इंटरव्यू में बॉयकॉट ट्रेंड को लेकर बात की थी. इस दौरान आलिया ने कहा था कि यदि कोई उन्हें पसंद नहीं करता तो उनकी फिल्में न देखें. ।
वीडियो शेयर कर कही थी उज्जैन जाने की बात।
उज्जैन के लिए रवाना होने से पहले आलिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने पति और निर्देशक अयान मुखर्जी के साथ अपनी यात्रा की घोषणा करते हुए एक वीडियो भी साझा किया था. इस दौरान तीनों ने एक और प्रीव्यू स्क्रीनिंग के बारे में भी घोषणा की. पहले प्रीव्यू स्क्रीनिंग जल्दी बिक गई इसलिए निर्माताओं ने पहले के समाप्त होने के ठीक बाद दूसरे के लिए जाने का फैसला किया.।
जमकर हुआ विरोध
आलिया भट्ट और रणबीर कपूर संध्या आरती के लिए उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे तो लेकिन वो दर्शन नहीं कर सके. सुरक्षा कारणों से दोनों ने इसमें शिरकत करने से परहेज किया. स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रण में लाने के बावजूद, केवल निर्देशक अयान मुखर्जी ही थे जिन्होंने संध्या आरती में शिरकत की. अयान ने आशीर्वाद मांगते हुए खुद की एक तस्वीर साझा की और लिखा, "3 दिन दूर,,,आज महाकालेश्वर मंदिर का दौरा करने के लिए बहुत खुश और उत्साहित महसूस कर रहा हूं ... सबसे खूबसूरत दर्शन मिला ... इस यात्रा को फिल्म निर्माण यात्रा को बंद करने के लिए करना चाहता था ब्रह्मास्त्र, और हमारी रिहाई के लिए सभी सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए "#ब्रह्मास्त्र".''
सोशल मीडिया पर शुरू हुआ फिल्म का विरोध।
बॉयकॉट ट्रेंड अब धीरे-धीरे ब्रह्मास्त्र को भी अपने चपेट में लेने की कोशिश कर रहा है. हालांकि फिल्म को अभी तक काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और दर्शकों में इसे लेकर उत्सुकता भी देखी जा सकती है. लेकिन अब फिल्म को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और सोशल मीडिया पर भी फिल्म के लेकर बॉयकॉट ट्रेंड्स चलने लगे हैं. बीती रात ट्विटर पर बॉयकॉट ब्रह्मास्त्र ट्रेंड किया. फिल्म को लेकर शुरू हो रहे इस विरोध ने मेकर्स की चिंता जरूर बढ़ा दी
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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