एक खबर नागपुर ( vinod meghwani ) राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ( R S S S ) से जो संस्कार मिलते है उसे सेवक जिंदगी भर नही भूलते । ऐसा ही वाक्य नागपुर की एक हॉस्पिटल में हुआ । कोरोनो से पीड़ित एक महिला अपने 40 वर्षीय पति को लेकर पुहुची हॉस्पिटल में बेड नही थे । महिला डाक्टरों से निवेदन कर रही थी की उसके पति को एडमिट कर ले । महिला बहुत करुणा से रुदन कर रही थी । जिसे 85 साल के बुजुर्ग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यकर्ता ने सुना जो खुद कोरोना से पीड़ित था।पर महिला की हालत देखकर दुखी हो गये ओर डॉ से बोले मेरा बेड इन्हें दो मेरी उम्र हो चुकी है और घर चले गये जहाँ उनकी तीन दिन बाद मत्यु हो गई ये थे नागपुर के चाकलेट वाले चाचा दाभाड़कर ।
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
4000