,, *" एक खबर (vinod meghwani )"मोदी जी की,,,,बुलन्द,,,,,,किस्मत,,,,,तकदीर,,,,से,,,,,,किसानों,,,,की तकदीर टकरा गई है ओर इस टकराहट में देश के किसान धधक रहे है । अब सवाल ये है की किसान गुस्से में क्यो है ,,,,,,,,,,,ओर मोदी जी से ओर कृषि कानून के खिलाफ क्यो है । मोदी जी के खिलाफ उठने वाली ये पहली आवाज है ,,,, *"किसानों की देश के अन्नदाता ओर देश के राजा दोनों आमने सामने है।किसान चाहत है नये कृषि कानून रद्द हो और मोदीजी इसके खिलाफ है । ये किसान आंदोलन बिना चेहरे का है कौन है इसके पीछे । बीजेपी के कुछ नेता इसे खलिस्तान समर्थक का हाथ बता रहे कुछ लोग विपक्ष प्रायोजित कह रहे है । हमारे देश का विपक्ष है कान्हा उसमे इतनी ताकत नही ,,,,की वो इतना बड़ा आंदोलन कर सके । ये आंदोलन आम किसान का आम जनता का है मोदी सरकार को कृषि कानून को हाल फिलहाल स्थगित रखना चाहिये यही उपाय ,,,देश और बीजेपी को सुरक्षित रख सकता "*
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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