एक खबर( vinod meghwani )(गुजरात सिन्धी प्रदेश के अध्यक्ष बने ,,गुजरात के भारत मोटवाणी ,,,,) सिन्धी संस्कृति ,,,एक महान संस्कृति है जो मोअन जोधड़ो,,,,समकालीन है खोजकर्ताओ का दावा है की ,,,इन्सान को सभ्य बनाने में सिंधी संस्कृति का अहम योगदान राहा है । अगर अखण्ड भारत का विभाजन न हुआ होता तो सिंध,,,,का वर्चस्व,,,, पूरे विश्व मे होता क्योंकि सिंधी कौम आगे बढ़ने में ओर मेहनत करने में विश्वाश रखती है । सौ साल से ज्यादा दिन हो गये सिंध के हीरो राजा दाहिर सेन को शहीद हुऐ,,, पर,,आज भी हर सिन्धी के हीरो है और रहेंगे ,,,, अखण्ड भारत का विभाजन ,,,सिन्धी कौम की मरजी के खिलाफ हुआ । हमे केंद्र सरकार pok ओर सिंध वापस दिलाये । ओर सिंध की याद में अंडमान निकोबार का नाम बदल कर ,,सिन्धी प्रदेश रखे ये मांग है । सिन्धी प्रदेश सँघर्ष समित्ति के महासचिव की कलम से ,,,,विनोद मेघवानी
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...
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