एक खबर ( हरिद्वार )भरतीय सिन्धी समाज के लिये ओर हर भारतीय नागरिक के लीये के लिये खुशी की बात है की आयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन हुआ इससे ओर खुशी की बात है कि ,,,भूमिपूजन में जो चांदी का फावड़ा ओर चांदी की करनी से कार्य सेवा हुई वो छत्तीसगढ़ के माना रायपुर शदाणी तीर्थ से राम जन्मभूमि न्यास को भेंट किया गया था ।हरिद्वार। हरिद्वार स्थित शदाणी दरबार मंदिर की की ओर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के लिए भेंट किए गए चांदी के फावड़े और करनी से भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन में शदाणी दरबार की ओर से भेंट की गयी वस्तुओं का प्रयोग करने पर आश्रम के सेवादारों ने हर्ष जताया है। शदाणी दरबार के सेवादार अमरलाल ने बताया कि श्रीराम जन्म भूमि पूजन में जिस फावड़े और करनी से प्रधानमंत्री ने पूजन किया। चांदी का वह फावड़ा तथा करनी शदाणी दरबार की ओर भेंट किया गया था। भूमि पूजन में शामिल होने अयोध्या गए शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर संत डा.युद्धिष्ठर लाल अपने साथ चांदी का फावड़ा व करनी भी लेकर गए थे। इससे शदाणी दरबार और सप्तऋषि क्षेत्र में रहने वाले लोगों में हर्ष का माहौल है। ऐतिहासिक श्रीराम भूमि पूजन में दरबार की ओर से भेंट की गई वस्तुओं का उपयोग होना हमारे साथ हिंद व सिंध में रहने वाले करोड़ों भक्तो के लिए भी गर्व के बात है। संत डा.युधिष्टरलाल महाराज भूमि पूजन के बाद अयोध्या से हरिद्वार पहुंचें।
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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