छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यक सिन्धी समाज के साहित्य और संस्कृति एकाडमी के स्वतंत्र विभाग विलोपित कर नये विभाग छत्तीसगढ़ विकास परिषद का गठन किया गया है जिससे छत्तीसगढ़ और देश मे अल्पसंख्यक सिन्धी समाज आकोर्षित हो उठा हैं । कोरोना काल के इस दौर पूरे देश अल्पसंख्यक सिन्धी समाज की पंचायतों ओर समितियों ने अनेको ,,,zoom ,,, मिटिंग की इस छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम का देश साधु सन्तो ने भी विरोध जताया और काहा सिंधु नदी से हिन्दू शब्द का आरंभ हुआ है देश की प्रचीन सभ्यता है सिन्धी ओर पूरे देश के राज्यो में सिन्धी संस्कृति साहित्य के विकास के लीये गठित है और स्वतंत्र विभाग है फिर छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यक सिन्धी समाज के साथ अन्याय क्यो । छत्तीसगढ़ सिन्धी पँचायत की युवा विंग अध्यक्ष श्री अमित चिमनानी ने तत्काल ,,,इस विषय पर zoom मिटिंग बुलाई जिसमे पूरे छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों से पँचायतो के अध्यक्षओं ने मिटिंग भाग लिया zoom मिटिंग की अध्यक्षता की छतीसगढ़ सिन्धी पँचायत के अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री चंद सुंदरानी जी ने सुंदरानी जी कांग्रेस सरकार को आड़े हाथ लेते काहा छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार ने अल्पसंख्यक सिन्धी समाज के अधिकारों की कटौती की है जो सिन्धी समाज के साथ अन्याय है और सुंदरानी जी ने काहा की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में विस्थापितों के लीये पट्टा योजना लाई थी जिसमे 30 साल से काबिज लोगो को जमीन मालिक बनाया गया उसमे 1% भु टाक लगाया गया था जिसे प्रशाषन ने2% कर दिया उसे भी कम किया जाये ।मिटिंग में सभी पंचायतों के अध्यक्षओ ने अपने अपने विचार रखे छत्तीसगढ़ युवा विंग के अध्यक्ष श्री अमित चिमनानी ने एक खबर को बताया की छतीसगढ़ सिन्धी पँचायत का zoom मिटिंग में सामुहिक निर्णय ये राहा की छत्तीसगढ़ सिन्धी पँचायत का प्रतिनिधि मंडल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात करेगा और ज्ञापन देगा की छतीसगढ़ सिन्धी साहित्य अकादमी को पहले वाली स्थिति में बहाल किया जाये उसकी अलग स्वतंत्रता बनी रहे और उसके अध्यक्ष की घोषणा मुख्यमंत्री जी खुद करे जिससे अल्पसंख्यक सिन्धी समाज को छत्तीसगढ़ सरकार का सहयोग मिलता रहे ।
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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