छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग ने आज zoom मीटिंग का आयोजन किया जिसके होस्ट थे सी.ऐ श्री अमित चिमनानी जी राहुल तेजवानी जी और कार्यक्रम अध्यक्ष थे पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी जी । मुख्यवक्ता थे *"डॉ अजेय शेष जी और गिनीज बुक एवम गोल्डन बुक रिकार्ड होल्डर राष्ट्रीय सेवा रत्न,इंटरनेशनल बेस्ट स्पीकर आइकन ऑफ इंडिया अवार्ड विजेता ये है मुख्यवक्ता जो जब बोलते है तो सब मंत्रमुग्ध होकर इनको सुनते हैं किसी बड़े हाल में अगर हजारो व्यक्ति हो और जब डॉ अजय शेष बोलना शुरू करते है तो मजाल है कि किसी को सुई गिरने की आवाज भी सुनाई दे सुनने वालों को सम्मोहित कर देते है डॉ अजय जी आज जब zoom मिटिंग शुरू हुई तो डॉ अजय ने जब अपनी स्पीच शुरू की तो सब मंत्रमुग्ध हो गये आज की मीटिंग का विषय था कोरोना काल मे बिजनेस विक्ट्री ,,,,, डॉ अजय ने काहा आप सक्सेस कैसे हो आप कैसे ऐसे बने की लोग आपके ही कस्टमर बने उसका एक उदाहरण दिया ।डॉ अजय ने बताया पैसा सक्सेस तितली की तरह होती है आप तितली को कैसे पकड़ेंगे ,,,उन्होंने दो उपाय बताऐ पहला की आप तितली को नेट से पकड़ने की कोशशी करेंगे जिसमे आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी । दूसरा उपाय है कि आप ऐसा बाग बनाये जिसमे तरह तरह के फूल लगाएं उस पे तितलियां खुद ब खुद आकर बैठेंगी ,,,। जो सक्सेस होना चाहते है उन्हें फूल की तरह सुगन्धित बनाना पड़ेगा ।और आज दूसरे वक्ता थे डॉ संदीप दवे रामकृष्ण हॉस्पिटल के ऑनर उन्होंने ने भी दर्शकों के बीच अपने सुंदर और बेहतरीन विचार शेयर किये आज की मीटिंग बेहतरीन रही पूरे छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र मध्यप्रदेश से भी दर्शक जुड़े थे एक खबर विनोद मेघवानी""*
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...




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