- *" मोदी जी और देश की 40 दिनों की तपस्या को किसने भंग किया ।जो लॉक डाउन में कोरोना से बचने के जी जान से की जा रही थी। क्या मोदी जी ने इसका निर्णय खुद लिया अगर मोदी जी ने सिर्फ राजस्व प्राप्ति के लिऐ शराब बेचने का निर्णय लिया है तो इसके लिए उन्हें बहुत भारी प्रायश्चित करना पड़ेगा । क्यो की उन्होंने कोरोना से बचने के लीये ,,,वुहान मॉडल अपनाया है । चीन के वुहान से कोरोना निकला था और वुहान में ही सबसे पहले खत्म हुआ है । भारत कोरोना से बचाव के लिये वुहान मॉडल अपनाया है जो तीन माह की लॉक डाउन का है । अगर शराब की बिक्री चालू रखी गई तो कोरोनो संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ेगी । माना कि देश की अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो चुकी है । पर मोदी जी उसके लिये ये रास्ता सही नही है । केंद्र सरकार और सभी राज सरकारों को अभी तीन महीने ,,शराबबंदी रखनी चाहिये यही देश हित मे सही निर्णय होगा।"*
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...

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