- डॉक्टर साहब आप इंसान नही भगवान ,,,,आप ने मेरे अजीज की जान बचाई । ऐसे वाक्य हम फिल्मो में ओर हकीकत की जिंदगी हर रोज सुनते है और आज कलयुग में भगवान जन्म भी हमे डॉक्टर के द्वारा ही दिलाता आप देखेंगे आज हमें जन्म से लेकर मरने से पहले हमें डॉक्टर ही सहारा देते है । सच तो यही धरती पर भगवान का दूसरा रूप डॉक्टर ही है । और आज कोरोना काल मे पूरी दुनिया मे विश्व के सभी डॉक्टरों ने मिसाल कायम की उन्होंने ने अपनी जान की बाजी लगा दी हर कोरोना मरीज को ठीक करने के लिए। हम ओर आप किसी कोरोना पॉजिटिव को देखते है तो उससे दस फिट दूर हो जाते है ।ऐसे में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ही उसके नजदीक जाते है और उसका ईलाज करते है और उसको सान्त्वना ओर हिम्मत देते है की आप ठीक हो जाएंगे । ऐसे डॉक्टरों ओर मेडिकल स्टाफ के ऊपर हमला करने वालो को चुलुभर पानी मे डूब मरना चाहिये ।
13 साल का इंतजार फिर मौत ? परिवार ने लगाई प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ की गुहार ( एक खबर इंडिया न्यूज पोर्टल
Vinod raja meghwani (sampadak) 13 साल का इंतजार, मौत के बाद उठे गंभीर सवाल 13 साल का इंतजार, फिर मौत… तन्वी परियानी को इंसाफ की मांग AIIMS में इलाज के दौरान 15 वर्षीय तन्वी की मौत; पिता मुकेश परियानी ने डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की, जांच में सामने आएगा सर्जरी में देरी का सच नई दिल्ली/कोटा। जन्मजात जटिल हृदय रोग से जूझ रही कोटा की 15 वर्षीय तन्वी परियानी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तन्वी के पिता मुकेश कुमार परियानी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुकेश परियानी का कहना है कि उनकी बेटी का AIIMS में इलाज वर्ष 2012 से चल रहा था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में जांच और सर्जरी को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। 2014 के रिकॉर्ड से उठा सबसे बड़ा सवाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जनवरी 2014 के AIIMS दस्तावेज में तन्वी की बीमारी को VSD with pulmonary atresia बताया गया था। दस्तावेज में unifocalisation एवं conduit surge...
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