सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भ्र्ष्टाचार कब खत्म होगा आम आदमी की जिंदगी से ,,,एक खबर

पुरा देश खुश है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पहले कार्यकाल में किसी भी मंत्री ने भ्र्ष्टाचार नही किया किसी भी मंत्री ने रिश्वत नही ली ये सत्य है की मोदी के कार्यकाल में केंद्र सरकार के किसी भी मंत्री ने कोई अनैतिक कार्ये नही किया पर,,,,उससे देश मे भ्र्ष्टाचार खत्म  हो गया ये नही कह सकते,,,आप भारत के किसी भी शहर में जाओ,,, आप को भ्र्ष्टाचार का एक ही अड्डा मिलेगा,,,वो है  हर शहर का नगर निगम,,,,,,, या नगर पालिका ,,,या साडा प्रधिकरण,,,, हर किसी का,,,परसेंट बंधा हुआ है,,,, 


इस लेख के लिये लेखक जिम्मेदार नही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार है  ये 


एक खबर,,,

संपादक 

स्वतंत्र लेखक

विनोद मेघवानी 



आज के इस आर्टिकल में हमने भ्रष्टाचार पर भाषण Speech on Corruption in Hindi पुरे विश्व में भ्रष्टाचार ने हर कार्य क्षेत्र को खोखला बना दिया है।

भ्रष्टाचार पर भाषण Speech on Corruption in Hindi

सभी आदरणीय श्रोताओं को सुप्रभात। आज मैं भ्रष्टाचार पर आप सभी के सामने अपने विचार रखना चाहते हूँ।

हमारा देश भारत , एक विशाल देश है। इतने विशाल देश में प्रजातंत्र को कुशलता से चलाने के लिए काफी सारे अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की आवश्यकता होती है। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है और यह उम्मीद की जाती है कि वे देश अपने पद की गरिमा रखेंगे एवं भ्रष्टाचार से बचेंगे।

लेकिन देश का दुर्भाग्य उस वक़्त नजर आता है जब ये कर्मचारी और अधिकारी ही भ्रष्टाचार दिखाते हैं और भ्रष्टाचारी हो जाते हैं। भ्रष्टाचार एक तरह का दीमक है जो हमारे देश को खा रहा है। बड़े बड़े नेताओं के घोटालों से लेकर छोटे छोटे कर्मचारियों के चाय पानी तक, हर जगह भ्रष्टाचार ने अपने चरण पसार रखे हैं।

ज़रा सोचिए आप किसी दफ्तर में जाकर अपना कोई काम करवाना चाहते हैं। उदाहरणतः आप राशन दफ्तर जाकर अपना राशन कार्ड बनवाना चाहते हैं। सबसे पहले आपको अपनी अर्जी, उचित अधिकारी तक पहुंचाने के लिए रिश्वत देनी होगी।

उसके बाद इस अधिकारी को रिश्वत देकर आप फाइल पर मोहर लगवा सकेंगे। उसके बाद वे लोग जो निरीक्षक के तौर पर आपका ब्योरा लेने आयेंगे उन्हे भी आपको रिश्वत देनी होगी, तब ही आपका ब्योरा दर्ज किया जाएगा। यह दुखद है।

भ्रष्टाचार का एक पहलू यह भी है कि भ्रष्टाचार का शिकार केवल गरीब व्यक्ति

ही होता है या ऐसा कहा जाए कि भ्रष्टाचार से फर्क केवल गरीबों को ही पड़ता है तो गलत नहीं होगा। आज के समय में वे सभी लोग जो धनी हैं उनके लिए ज्यादा धन खर्च करके अपना काम करवाना कोई बड़ी बात नहीं है। वे चाहते हैं कि उनका काम जल्द से जल्द हो जाए। उसके लिए वे कुछ भी करना चाहते हैं।

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार ने आजादी के बाद देश को अंग्रेजों से भी ज्यादा परेशान किया है। भ्रष्टाचार तेजी से फैल रहा है और आजादी के बाद यह सबसे ज्यादा फैलने वाला सामाजिक विकार है।

इसका इतना अधिक फैलाव मुख्य रूप से अवसरवादी नेताओं के कारण हो पाया है। वे सभी लोग जो भ्रष्टाचार करते हैं, उनके लिए देश बिल्कुल भी मायने नहीं रखता। उनके लिए उनके फायदे से ज्यादा कुछ भी मायने नहीं रखता।

वे चाहते हैं कि उनका घर भर जाए और देश यदि खोखला हो रहा है तो होता रहे। लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि उनका घर भी इसी देश में ही आता है। वे देश को बेच रहे हैं और उन्हे इस बात की भी जरा सी परवाह नहीं कि यह भविष्य में कितना ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है।

ये लोग अपने फायदे के लिए भारत की संस्कृति और परम्परा को भी नष्ट कर रहे हैं। वे लोग जो आजकल एक सही दिशा में काम कर रहे हैं, उन्हे भी सही दिशा में काम करने नहीं दिया जाता। यदि कोई चाहे की वह बिना भ्रष्टाचार के एवं बिना रिश्वत लिये अपना काम कर ले, तो वह ऐसा नहीं कर सकता।

उसका जीना मुश्किल कर दिया जाएगा एवं उसे यथासंभव हर तरह से परेशान किया जाता है। उनके ऐसे कृत्यों के कारण ईमानदारी दम तोड़ देती है और एक ईमानदार इंसान बेईमानी करने पर मजबूर हो जाता है।

साल 1947, भारत अंग्रेजों से आजाद हो गया। नई सरकारें बनी और देश को विकास के पथ पर अग्रसर किया जाने लगा। लेकिन धीरे धीरे भारत में भ्रष्टाचार बढ़ता गया। लोगों का सरकार और सरकारी कर्मचारियों पर से विश्वास घटता गया।

इस पर रोज रोज आने वाले नए घोटालों की खबरों ने लोगों में से यह विश्वास भी घटा दिया कि सरकार इस ओर कोई कदम उठाएगी। धीरे धीरे लोगों ने यह मान लिया कि भ्रष्टाचार तंत्र का ही एक हिस्सा है 

पर अब इस भ्र्ष्टाचार को खत्म करना है,,,इसके लीये केंद्र सरकार को ठोस  योजना बना कर हर ,,,शहर में लागू करनी होगी,,,,,,,एक खबर,,,,,,

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सागर होटल के मालिक विजय अग्रवाल के घर ED,रेड,

Vinod raja meghwani (sampadak) 📰 एक खबर इंडिया | प्रमुख राष्ट्रीय समाचार संपादक: विनोद राजा मेघवानी प्रायोजक: 🧱 JK लक्ष्मी सीमेंट – मजबूती की पहचान --- दुर्ग में होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के ठिकानों पर ED का छापा: मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह में जांच तेज, दस्तावेज जब्त दुर्ग (छत्तीसगढ़), विशेष रिपोर्ट  विनोद राजा मेघवानी दुर्ग| राज्य के शांत माने जाने वाले औद्योगिक शहर दुर्ग में मंगलवार सुबह अचानक हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक नामचीन होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के घर और कारोबारी ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। कार्रवाई को लेकर पूरे शहर में चर्चा का माहौल है, वहीं स्थानीय कारोबारी जगत में भी हलचल बढ़ गई है। --- सुबह-सुबह दस्तक, पहचान पत्र दिखाकर प्रवेश सुबह 6 बजे के लगभग दीपक नगर स्थित विजय अग्रवाल के बंगले पर 6 सदस्यीय ED की टीम पहुंची। टीम ने परिसर में घुसने से पहले अपने पहचान पत्र दिखाए और सुरक्षा कर्मियों को किनारे कर प्रवेश किया। कार्रवाई के दौरान किसी मीडिया या बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, टीम के सदस्य सीधे उस...

20 करोड़ की ठगी छत्तीसगढ़ में शातिर ठग ने अंजाम दिया

Vinod raja meghwani (sampadak) एक खबर (VINOD raja meghwani  ) सूत्रों से मिली खबर अनुसार उत्तरप्रदेश के ,,,रावत एसोसिएट प्रबंधक मैनेजर अजय ने शिकायत लिखवाई । K k   shirwartav ne  उनके बॉस अर्जुन रावत 1000 करोड़ का ठेका दिलाने का आश्वाशन दिया ओर फर्जी दस्तावेजों के जरिए  लगभग 20 करोड़ रुपए एडवांस में ठग लिए । छत्तीसगढ़ के  नेताओं का खुद को करीबी बताने वाले बिलासपुर के kk shriwastav   पर लगभग 20 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। यूपी के रावत एसोसिएट के एडमिन मैनेजर अजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है। अजय के मुताबिक केके श्रीवास्तव ने उनके मालिक अर्जुन रावत को 1000 करोड़ का काम दिलाने का आश्वासन दिया और फिर फर्जी दस्तावेज भेजकर ठगी की। Kk  shriwastav के साथ उसके बेटे कंचन ओर kk shriwastav खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है। एफआईआर में यह दर्ज किया गया है कि प्रदेश के सबसे बड़े नेता भगोड़े ठग kk  shriwastav से तांत्रिक पूजा करवाते थे। ये सुबह श्रीवास्तव से तांत्रिक पूजा करवाते थे। ये नेता कौन सी पार्टी के, ये नहीं लिखा गया है। लेकिन ठग पर आरोप है कि वो ...

पीसे गांव मिल में PDS चांवल की आपूर्ति पर उठते सवाल

Vinod raja meghwani (sampadak) एक खबर इंडिया NEWS PORTAL | PRINT MEDIA दुर्ग संस्करण | विशेष रिपोर्ट | 21 अगस्त 2026 PDS के चावल की आपूर्ति पर उठे सवाल पीसेगांव क्षेत्र की दो राइस मिलों में पिछले लॉट के CMR जमा होने की स्थिति जांच का विषय सरकारी धान की मिलिंग और चावल जमा करने के नियमों के पालन पर निगाह; विभागीय रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक सत्यापन से स्थिति होगी स्पष्ट पीसेगांव/दुर्ग। दुर्ग-बालोद मार्ग स्थित पीसेगांव क्षेत्र में संचालित दो राइस मिलों से संबंधित कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की शासकीय जमा स्थिति को लेकर सवाल सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह विषय खाद्य विभाग एवं संबंधित शासकीय एजेंसियों के रिकॉर्ड से सत्यापन का है। सरकारी धान मिलिंग व्यवस्था में मिलर्स को आवंटित धान की मिलिंग के बाद निर्धारित नियमों और समय-सीमा के अनुसार तैयार चावल संबंधित शासकीय व्यवस्था में जमा करना होता है। ऐसे में यदि किसी मिल के पिछले लॉट का CMR निर्धारित मात्रा में जमा नहीं हुआ है, तो संबंधित विभाग द्वारा रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण है। 🔎 जांच में किन बिंदुओं पर हो सकता है...