8 पुलिस वालों का हत्यारा गैंगस्टर उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में गिरफ्तार हुआ । जब उसको गिरफ्तार किया गया तो जोर जोर से चिलाने लगा में ,,,विकास दुबे हुँ कानपुर वाला बार यही दोहरा राहा था। ऐसा लग राहा जैसे वो जान बूझ कर लोंगो को बता राहा था क्यो की उसे मरने से डर लग राहा था । इस मास्टर माइंड गैंगस्टर की कहानी इस प्रकार है । विकास दुबे ने पूरी प्लानिग के साथ ,,,चक्रव्यूह ,,,रच कर प्लानिंग की कैसे पुलिस वालों को मारना है । 30 सालो से वो गुंडागर्दी कर राहा था । कानपुर के आसपास उसकी धाक थी एकछत्र राज था ,,,,,जैसे शोले मूवी में ,डाकू,,गब्बर सिंह ,,का आतंक रामगढ़ के पूरे जिले में था वैसे कानपुर जिले में ,,,विकास दुबे की गुंडागर्दी चलती थी । डी एस पी देवेंद्र मिश्रा से विकास दुबे की नही जमती थी देवेंद्र मिश्रा अपने दलबल के साथ विकास दुबे को गिरफ्तार करने निकले तो इसकी खबर गेंगस्टर विकास दुबे को मिल गई उसने पुलिस वालों को मारने के लीये पूरे गांव में अलग अलग जगह अपने गुंडे हथियारों के साथ खड़े कर दिये और बीच रोड़ में कई अवरोधको से रोड़ ब्लाक कर गांव की लाइट बन्द करवा दी जैसे पुलिस दल ने गांव में प्रवेश किया उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया । जिसमें 8 पुलिस वाले शहीद हो गये । इसके बाद गांव के पीछे के रास्ते से सब हमलावर गुंडे अलग शहर की ओर भाग निकले। विकास दुबे दिल्ली पुहुचा वांहा से फरीदाबाद फिर उज्जैन के मंदिर पुहुचा उज्जैन ही उसकी मंजिल थी ।क्यो की विकास दुबे जानता था की इस हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस उसे जिंदा नही पकड़ेगी वो एनकाउंटर में मार देगी । इस लीये उसने पूरी प्लानिंग की ओर मध्यप्रदेश के उज्जैन में अपने को गिरफ्तार करवाया पहले वो पूरा मंदिर घुमा जब उसे लगा कोई नही पहचान राहा है तो जानबूझकर दुकानदार से मंदिर जाने का रास्ता पुक्षा जिसेस वो पहचाना जा सके उसने उज्जैन में सरेंडर नही किया क्योंकि की सरेंडर करता तो मारा जाता उसकी माँ का बयान है की विकास दुबे महाकाल के मंदिर जाता रहता है । अब देखना ये की कितनी जल्दी विकास दुबे को फांसी की सजा मिलेगी ।
Vinod raja meghwani (sampadak) 📰 एक खबर इंडिया | प्रमुख राष्ट्रीय समाचार संपादक: विनोद राजा मेघवानी प्रायोजक: 🧱 JK लक्ष्मी सीमेंट – मजबूती की पहचान --- दुर्ग में होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के ठिकानों पर ED का छापा: मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह में जांच तेज, दस्तावेज जब्त दुर्ग (छत्तीसगढ़), विशेष रिपोर्ट विनोद राजा मेघवानी दुर्ग| राज्य के शांत माने जाने वाले औद्योगिक शहर दुर्ग में मंगलवार सुबह अचानक हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक नामचीन होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के घर और कारोबारी ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। कार्रवाई को लेकर पूरे शहर में चर्चा का माहौल है, वहीं स्थानीय कारोबारी जगत में भी हलचल बढ़ गई है। --- सुबह-सुबह दस्तक, पहचान पत्र दिखाकर प्रवेश सुबह 6 बजे के लगभग दीपक नगर स्थित विजय अग्रवाल के बंगले पर 6 सदस्यीय ED की टीम पहुंची। टीम ने परिसर में घुसने से पहले अपने पहचान पत्र दिखाए और सुरक्षा कर्मियों को किनारे कर प्रवेश किया। कार्रवाई के दौरान किसी मीडिया या बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, टीम के सदस्य सीधे उस...

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