दोस्तों राजनीति के गलियारों में कई किस्सों के चर्चे होते रहते हे ऐसा ही एक चर्चित किस्सा में आप को बताने जा राहा हूँ ।,,,विनोद मेघवानी
सुनते हे स्व: इंद्रा गांधी और पूर्व प्रधान मंत्री अटल जी भाई बहन के रिश्ते से एक दूसरे को सम्भोधित करते थे बहुत स्नहे था । उस समय अजमेर के सांसद थे आचार्य कूपलानी जी ।अटल जी और आडवाणी जी सिन्धी भाषा को राष्ट्रीय भाषा की सूची में स्थान दिलाने का प्रयास कर रहे थे और लोकसभा में पास कराने के लिये बिल लाये थे ।इंद्रा जी इस बिल से सहमत थी उन्हों ने अटल जी से काहा आप ये बिल वापस लो इस बिल को सांसद आचर्य कूपलानी पेश करे ।अटल जी मान गये और उन्होंने बिल वापस लिया फिर कूपलानी जी ने बिल पेश किया और इस तरह सिन्धी भाषा को देश में आठवीं भाषा का स्थान मिला । ये बिल पास होने के बाद इंद्रा जी विदेश दौरे पे चली गई ।सिन्धी भाषा को राष्ट्रीय स्थान मिलने के बाद
संसद और राज्य सभा में आचर्य कुपलानी जी ने सिन्धी भाषा में भाषण दिया 40 मिनट का आभार व्यक्त किया राज्यसभा के प्रति ,,,उन्होंने सब कुछ सिन्धी भाषा में काहा ये बात ,,,उस समय के सभापति के समझ में नही आई तो उन्होंने आचर्य कूपलानी की इंद्रा जी से शिकायत कर दी ।इन्द्रा जी आचार्य कूपलानी जी को काहा आप तो आचार्य हे भाषओं के पण्डित फिर आप ने ऐसा क्यों किया ।तब आचार्य कूपलानी जी काहा मेरे भाषा को राष्ट्रीय दर्जा मिला हे संसद में तो में ,,,,पहले पुष्प अर्पित तो सिन्धी भाषा में ही करूँगा ।अगर सभापति और संसद गण समझ नही पाये तो आप दूरभाषीय की नियक्ति कीजिये इंद्रा इस तर्क से और आचर्य जी के बोलने और व्यक्तिव से प्रभावित हुई उन्होंने आचर्य से काहा हम आपको एक काम सौप रहे हे वो करिये ।उस समय पंजाब में उग्रवाद की की समस्याये थी आप भारत सरकार की तरफ से पंजाब जाये और समस्या का समाधान करे इस तरह आचार्य कूपलानी जी इंद्रा जी के विश्वाश पात्र बन गये ।पर अब कूपलानी के लिये और परेशानी बढ़ गई इंद्रा जी और सहयोगी उनसे खार खाने लगे और इंद्रा जी के कान भरने लगे की सिन्धी लोग मिलावट करते हे ।उस समय दिल्ली पूरा लघु भारत बसता था हर कोई किराने धंधे में था ।इंद्रा जी आचार्य कूपलानी को बुलाया ।तब कूपलानी जी ने इंद्रा जी को सुझाव दिया की आप आज रात सब जगह छापे लगवाये सच सामने आ जायेगा तब उस रात इंद्रा जी के निर्देश पर हर जगह छापे पड़े फिर सच सामने आया। किसी भी सिन्धी मिलावट केस में सम्भन्ध नही अन्य जात के लोग पकड़े गए ,,,,विनोद मेघवानी की कलम से जय झुलेलाल
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राष्ट्रीय अध्यक्ष
विनोद मेघवानी
छतीसगढ़ पार्टी इंडिया
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Vinod raja meghwani (sampadak) एक खबर (VINOD raja meghwani ) सूत्रों से मिली खबर अनुसार उत्तरप्रदेश के ,,,रावत एसोसिएट प्रबंधक मैनेजर अजय ने शिकायत लिखवाई । K k shirwartav ne उनके बॉस अर्जुन रावत 1000 करोड़ का ठेका दिलाने का आश्वाशन दिया ओर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लगभग 20 करोड़ रुपए एडवांस में ठग लिए । छत्तीसगढ़ के नेताओं का खुद को करीबी बताने वाले बिलासपुर के kk shriwastav पर लगभग 20 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। यूपी के रावत एसोसिएट के एडमिन मैनेजर अजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है। अजय के मुताबिक केके श्रीवास्तव ने उनके मालिक अर्जुन रावत को 1000 करोड़ का काम दिलाने का आश्वासन दिया और फिर फर्जी दस्तावेज भेजकर ठगी की। Kk shriwastav के साथ उसके बेटे कंचन ओर kk shriwastav खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है। एफआईआर में यह दर्ज किया गया है कि प्रदेश के सबसे बड़े नेता भगोड़े ठग kk shriwastav से तांत्रिक पूजा करवाते थे। ये सुबह श्रीवास्तव से तांत्रिक पूजा करवाते थे। ये नेता कौन सी पार्टी के, ये नहीं लिखा गया है। लेकिन ठग पर आरोप है कि वो ...
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